सिंगापुर में राजनीतिक नेताओं के वेतन में 15 साल बाद बड़ा बदलाव किया गया है। प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना बेंचमार्क रिम्यूनरेशन 22 लाख सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 36 लाख सिंगापुर डॉलर हो जाएगी। भारतीय मुद्रा में यह करीब 27 करोड़ रुपये सालाना बैठती है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद दुनिया के बड़े नेताओं के वेतन की तुलना फिर चर्चा में है।
सिंगापुर में कितना बढ़ा वेतन?
स्वतंत्र समिति की समीक्षा के बाद सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी का फैसला किया है। सरकार का तर्क है कि प्रतिस्पर्धी वेतन से सक्षम लोगों को राजनीति में आने के लिए आकर्षित किया जा सकता है।
नई सालाना रिम्यूनरेशन
प्रधानमंत्री की बेंचमार्क रिम्यूनरेशन में करीब 64 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। लॉरेंस वोंग ने अपनी सैलरी में हुई पूरी बढ़ोतरी को अगले पांच साल तक अच्छे कार्यों के लिए दान करने की बात कही है।
दुनिया के बड़े नेताओं की सैलरी
₹27 करोड़ : लॉरेंस वोंग : सिंगापुर के PM
₹5.75 करोड़ : स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति
₹3.8 करोड़ : डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिका के राष्ट्रपति
₹3.47 करोड़ : फ्रेडरिक मर्ज : जर्मन चांसलर
₹2.91 करोड़ : मार्क कार्नी : कनाडा के प्रधानमंत्री
₹2.37 करोड़ : जापान PM
₹2.18 करोड़ : एंडी बर्नहम : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
₹1.61 करोड़ : इमैनुएल मैक्रों : फ्रांस के राष्ट्रपति
₹86 लाख : जॉर्जिया मेलोनी : इटली की प्रधानमंत्री
₹20.9 लाख : शी जिनपिंग : चीन के राष्ट्रपति
सिंगापुर की रकम 9 सितंबर 2026 की दी गई डॉलर दर के आधार पर अनुमानित है। अन्य आंकड़े भी बेस वेतन या बेंचमार्क रिम्यूनरेशन हैं; भत्ते और सुविधाएं अलग हो सकती हैं।
ट्रंप एवं जिनपिंग को कितना मिलता है वेतन ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सालाना चार लाख डॉलर यानी करीब 3.8 करोड़ रुपये बेस वेतन मिलता है। इसके अलावा खर्च, यात्रा और मनोरंजन से जुड़े भत्ते भी मिलते हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेस सैलरी करीब 22 हजार डॉलर यानी लगभग 20.9 लाख रुपये सालाना है। चीन में 2015 में राष्ट्रपति समेत वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के बेस वेतन में 62 फीसदी बढ़ोतरी की गई थी।
भारत में मोदी और मुर्मू का वेतन
₹2.33 लाख : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
₹5 लाख : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
प्रधानमंत्री के मासिक वेतन में ₹1 लाख वेतन, ₹70 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, ₹60 हजार कार्यालय खर्च भत्ता और ₹3 हजार सत्कार भत्ता शामिल हैं। इसके अलावा ₹2,000 प्रतिदिन का दैनिक भत्ता अलग से मिलता है। आधिकारिक आवास और सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हर महीने 5 लाख रुपये वेतन मिलता है। यह वेतन राष्ट्रपति के परिलब्धियां और पेंशन अधिनियम, 1951 के तहत तय होता है।
पड़ोसी देशों के नेताओं की सैलरी
मालदीव : राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू : ₹88.3 लाख
पाकिस्तान : प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ : 5.5 लाख
भूटान : प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे : ₹23 लाख
बांग्लादेश : राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर : ₹11.1 लाख
श्रीलंका : प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या : ₹3.3 लाख
सिंगापुर में इतनी ज्यादा वेतन क्यों?
सिंगापुर सरकार का कहना है कि ऊंचा वेतन निजी क्षेत्र के सक्षम लोगों को सार्वजनिक सेवा में आने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। साथ ही, इससे अच्छे प्रशासन को बनाए रखने और भ्रष्टाचार के प्रोत्साहन को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आम लोगों की आय और नेताओं के वेतन में बड़ा अंतर होने के कारण वहां यह मुद्दा हमेशा संवेदनशील रहा है।
पहले कब बढ़ी थी वेतन?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में राजनीतिक नेताओं की वेतन में इससे पहले 2012 में बदलाव किया गया था। उस समय मंत्रियों की सैलरी में 36 फीसदी कटौती की गई थी। 2017 में समीक्षा के बावजूद वेतन नहीं बढ़ाया गया। 2023 की समीक्षा आर्थिक अनिश्चितता के कारण टाल दी गई थी। अब 2026 की समीक्षा के बाद बढ़ोतरी का फैसला हुआ है।
निष्कर्ष: सिंगापुर के प्रधानमंत्री की नई सालाना रिम्यूनरेशन दुनिया के बड़े नेताओं के बीच सबसे ज्यादा बताई जा रही है। वहीं भारत में राष्ट्रपति का वेतन प्रधानमंत्री से अधिक है, लेकिन दोनों के वेतन का ढांचा और जिम्मेदारियां अलग हैं।


