मांट विधानसभा मथुरा जिले की सबसे हॉट सीट मानी जा रही है।
कांग्रेस में श्याम सुंदर शर्मा की वापसी को मथुरा सहित ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करके की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। श्याम सुंदर शर्मा के सहारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने ब्राह्मण वोट को साधने की कोशिश की है।
श्याम सुंदर शर्मा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते है वे 8 बार विधायक और तीन बार मंत्री रहे है। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राजेश चौधरी से श्याम सुंदर शर्मा को करारी शिकस्त मिली थी।
मांट विधानसभा में राष्ट्रीय लोक दल की अच्छी खासी पकड़ रही है। 2012 में यहां से जयंत चौधरी खुद श्याम सुंदर शर्मा को हराकर चुनाव जीत चुके है। हालांकि जयंत चौधरी के मथुरा लोकसभा लडऩे से ये सीट खाली हुई थी और श्याम सुंदर शर्मा उपचुनाव में जीतकर फ़िरसे विधायक बने थे।
श्याम सुंदर शर्मा का राजनीतिक सफर
श्याम सुंदर शर्मा की राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस से ही हुई थी। वह 1989 में पहली बार कांग्रेस के टिकट से मांट से विधायक बने उसके और 1991 और 1993 में भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। इसके बाद वो निर्दलीय और एक बार टीएमसी और बसपा से भी विधायक और मंत्री बने। अक्टूबर 2024 में बसपा से निष्कासन के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। श्याम सुंदर शर्मा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े ब्राह्मण चेहरे माने जाते है।
मांट विधानसभा का जातीय गणित
मांट विधानसभा जाट बाहुल्य सीट है जहां लगभग 1 लाख जाट वोट है। इसके साथ ही लगभग 40-40 हजार ब्राह्मण और ठाकुर मतदाता है। जाटव मतदाता लगभग 45 हजार, बघेल लभभग 25 हजार, वैश्य 25 हजार और 15 हजार मुस्लिम मतदाता है।
जाट बाहुल्य मांट में ब्राह्मण और ठाकुर वोट निर्णायक भूमिका निभाते है।
पिछले विधानसभा चुनाव नतीजे
पिछले विधानसभा चुनाव में मांट से बीजेपी के राजेश चौधरी ने बसपा से चुनाव लड़े श्याम सुंदर शर्मा को 9580 वोट से हराया था। जबकि समाजवादी पार्टी के संजय लाठर ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया था।
राजेश चौधरी को 83 हजार 958 वोट श्याम सुंदर शर्मा को 74 हजार 378 वोट वही संजय लाठर को 60 हजार 585 वोट मिले थे।
इस बार भी त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
2027 के विधानसभा चुनाव में श्याम सुंदर शर्मा बसपा से चुनाव लड़े थे हालांकि इस बार उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। देखना होगा अगर सपा और कांग्रेस गठबंधन से चुनाव लड़ते है तो टिकट किसको मिलता है।
वही बीजेपी और RLD के बीच भी मांट विधानसभा में टिकट बंटवारे में बहुत गहमा-गहमी देखने को मिलेगी। इस बार भी मांट में जोरदार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।
देखना होगा कि क्या श्याम सुंदर शर्मा अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक विरासत को कांग्रेस के वोट बैंक में बदल पाएंगे, या बीजेपी 2022 के जीत का सामाजिक समीकरण मांट में फ़िरसे दोहराएगीl


