बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया है । 10 सितंबर को एक्स पर 9 पॉइंटर्स में अपनी बात रखते हुए उन्होंने यह सूचना दी। शुरुआत में उन्होंने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास को ‘अति देर से उठाया गया सही कदम’ करार दिया है। उसके बाद उन्होंने लिखा कि अगर यह फैसला जल्दी ले लेते तो उनके दामाद को लगातार विपरीत परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
इसके बाद उन्होंने पार्टी द्वारा किए एक्स पर पोस्ट को रिपोस्ट न करने के बारे में आकाश आनंद को घेरा और कहा कि BSP प्रमुख की आईडी से किए गए पोस्ट को उन्होंने रिपोस्ट नहीं किया, जबकि पोस्ट उनके ही सकारात्मक और भलाई के लिए था। उससे पहले वो पार्टी द्वारा किए पोस्ट को रिपोस्ट करके अपनी वफादारी का सबूत देते रहे हैं। इसके बाद उन्होंने लिखा कि इससे लगता है कि आकाश आनंद को पार्टी से ज्यादा अपने निजी व पारिवारिक मोह ज्यादा है।
BSP ने कई लोगों को फर्श से अर्श तक पहुंचाया
जबकि BSP ने अशोक सिद्धार्थ व आकाश के अन्य असंख्य लोगों को जमीन से आसमान तक पहुंचाया है।
आगे लिखती हैं कि आकाश को पार्टी और अपने करियर से ज्यादा रिश्ते-नातों का मोह है तो सवाल उठना वास्तविक है कि ऐसी परिस्थिति में वो पार्टी का भला कैसे कर सकते हैं।
3 सितंबर को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से किया था मुक्त
इसलिए उनको 3 सितंबर 2026 को जिस प्रकार से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के अति महत्वपूर्ण पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था, उसी प्रकार आज पार्टी से उन्हें पूरी तरह मुक्त कर दिया जाए।
आकाश आनंद स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वो अब आजाद हैं।
इस खबर के बाद अन्य पार्टी के लोग भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BSP से निकाले जाने के बाद आकाश आनंद को अन्य पार्टियों के ऑफर आने भी शुरू हो गए हैं।


