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नेपाल में प्राकृतिक आपदा का कहर, 675 लोगों की मौत, 2000 से ज्यादा लापता

नेपाल में भूकंप के कुछ मिनट बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने मचाई भारी तबाही, भारत ने राहत सामग्री और मेडिकल टीम भेजी

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30 August 2026, 12:16 pm• 3 min read

ADMIN Ground Wire news website.

नेपाल में प्राकृतिक आपदा का कहर, 675 लोगों की मौत, 2000 से ज्यादा लापता

काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई प्राकृतिक आपदा ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। सुबह करीब 8:37 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके करीब तीन मिनट बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, इस आपदा में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 287 भारतीय नागरिकों के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा के नागरिक भी शामिल हैं।

 

रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में सबसे ज्यादा असर

 

प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर तिब्बत से सटे नेपाल के तीन जिलों—रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में देखने को मिला है। बाढ़ के कारण 19 जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कई पुल भी बह गए हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

 

कैसे आई अचानक बाढ़?

 

बताया जा रहा है कि तिब्बत-नेपाल सीमा से करीब 20 किलोमीटर ऊपर ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में अचानक भीषण बाढ़ आ गई। कुछ ही मिनटों में आई इस बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी और हजारों लोग प्रभावित हुए।

 

भारत ने नेपाल को भेजी राहत सामग्री

नेपाल में आई इस भीषण आपदा के बाद भारत की ओर से राहत एवं बचाव के लिए सहायता भेजी गई है।

 

पहली खेप (26 अगस्त): भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए लगभग 10 टन राहत और मेडिकल सामग्री नेपाल भेजी गई।

 

दूसरी खेप (27 अगस्त): C-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान के जरिए लगभग 37.5 टन मानवीय सहायता सामग्री भेजी गई। इसमें तंबू, कंबल, जनरेटर, दवाइयां समेत अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।

 

तीसरी खेप (28 अगस्त): मानवीय सहायता के रूप में 10 टन सामग्री लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हुई। इसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट (गरिमा किट), भोजन के पैकेट और पानी साफ करने वाली गोलियां (वॉटर प्यूरिफिकेशन टैबलेट्स) शामिल हैं। इसके साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की 11 सदस्यीय टीम तथा सुरंग बचाव कार्यों (टनल रेस्क्यू ऑपरेशंस) के लिए एक रेकी (Recce) टीम भी विमान में मौजूद है।

 

चौथी खेप(30 अगस्त): भारत से 11 टन राहत सामग्री काठमांडू  पहुंच चुकी है। भारतीय वायुसेना के C-130 विमान में सुरंग विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम और खोज एवं बचाव अभियान से जुड़े उपकरण भेजे गए हैं। इसके अलावा, डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और आवश्यक फोरेंसिक उपकरण भी विमान में भेजे गए हैं। वहीं, 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़े उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सात और बेली ब्रिज की स्थापना के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे।

अब तक भारत कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है।

 

यूपी और बिहार में भी अलर्ट

 

नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। यूपी में कुशीनगर और महाराजगंज, जबकि बिहार में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली और शिवहर समेत अन्य जिले शामिल हैं।

 

गंडक नदी से 10 शव बरामद

 

पिछले दो दिनों में यूपी के महराजगंज और कुशीनगर में गंडक नदी से 10 शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी मृतक वयस्क हैं और उनके नेपाल फ्लैश फ्लड का शिकार होने की आशंका है। शवों की पहचान और उनके स्वजन की तलाश के लिए गहनों, कपड़ों, टैटू और अन्य पहचान चिन्हों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।