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भारतीय पायलट के अदम्य साहस से बची 174 लोगों की जान, क्या है पूरा मामला?

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान बहुत कम समय में करीब 16 से 17 हजार फीट नीचे आ गया। अचानक तेज गति से नीचे आने की वजह से यात्रियों को तेज झटकों और अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल का अनुभव हुआ।

Binu Pandey
Binu Pandey
1 October 2026, 12:42 pm• 3 min read

बिनु पाण्डेय करेंट इवेंट्स और ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ इंटरव्यू करने वाले पत्रकार हैं। राजनीति और आम जनमानस से जुड़े मुद्दों पर लेखन एवं रिपोर्टिंग में रुचि रखते हैं।

भारतीय पायलट के अदम्य साहस से बची 174 लोगों की जान, क्या है पूरा मामला?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में घटना हुई। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था, जिसमें 174 लोग सवार थे। मीडिया में रिपोर्ट्स के अनुसार, उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद, लगभग 33 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में को-पायलट ने भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। उन दोनों की आपसी झड़प में विमान तेज गति से नीचे आने लगा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान बहुत कम समय में करीब 16 से 17 हजार फीट नीचे आ गया। अचानक तेज गति से नीचे आने की वजह से यात्रियों को तेज झटकों और अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल का अनुभव हुआ।

घायल होने के बावजूद कप्तान स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला

हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कप्तान स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्री और क्रू सदस्य कॉकपिट के अंदर पहुंचे। उसके बाद कई यात्रियों ने मिलकर हमलावर को पकड़ा। विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी और राहत पायलटों ने विमान को स्थिर करने में मदद की।

इमरजेंसी सिग्नल जारी हुए

विमान ने 7700 इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया। इसके बाद 7500 कोड भी प्रसारित हुआ, जिसका इस्तेमाल अवैध हस्तक्षेप या हाईजैकिंग जैसी स्थिति को दर्शाने के लिए किया जाता है।

इजरायल ने लड़ाकू विमान भेजे

विमान में ज्यादा संख्या में इजरायली यात्री थे और स्थिति स्पष्ट नहीं थी। ऐसे में इजरायल ने लड़ाकू विमानों को रवाना किया।

सऊदी अरब में विमान की सुरक्षित लैंडिंग

विमान को डायवर्ट कर सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया, जहां करीब सुबह 9:45 बजे स्थानीय समय पर सुरक्षित लैंडिंग हुई। दोनों पायलट घायल थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, कैप्टन की हालत स्थिर बताई गई। अगर कप्तान स्मित ने अदम्य साहस न दिखाए होते और समय रहते कॉकपिट का दरवाजा न खोला होता, जिसके बाद यात्रियों के हस्तक्षेप से को-पायलट को न पकड़ा होता, तो स्थिति कुछ और होती।

इजरायली पीएम नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कप्तान के जज्बे को सलाम किया

174 यात्रियों की जान बचाने वाले कप्तान स्मित के इस असाधारण कार्य के लिए इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा "भारतीय पायलट कप्तान स्मित मच्छार की असाधारण वीरता को मेरा सलाम। गंभीर रूप से घायल और चाकू लगने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने हमलावर का डटकर मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की जिससे एक बड़ी विमान दुर्घटना टल गई। वे वास्तव में एक सच्चे नायक हैं।"

पीएम नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर लिखा, "कप्तान स्मित मच्छार एक हीरो हैं! सबसे बड़े खतरे के सामने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने असीम साहस और दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। भारत को कप्तान मच्छार पर गर्व है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने, नई ताकत और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना कर रहा हूँ।"