पर्व को लेकर घरों में उत्साह था, आंगन में तैयारियां थीं और बच्चों के चेहरों पर त्योहार की खुशी। किसी को क्या पता था कि मंगलवार का यह दिन कई परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे काला दिन बन जाएगा। भागलपुर में हुए दो अलग-अलग हादसों ने आठ परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं पर्व के लिए स्नान करने गए छह बच्चे गहरे पानी में समा गए, तो कहीं एक दिन से लापता दो बच्चियों के शव पानी में मिले।
अजगैवीनाथ धाम के नारायणपुर बहियार में मंगलवार की सुबह कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर बच्चे स्नान करने पहुंचे थे। खेतों में जमा पानी बाहर से सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन उसके भीतर की गहराई का किसी को अंदाजा नहीं था। देखते ही देखते छह बच्चे गहरे पानी में चले गए। कुछ ही पल में वहां पर्व की खुशी की जगह चीख-पुकार गूंजने लगी।
हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। स्थानीय युवकों ने पानी में उतरकर बच्चों को बाहर निकाला। एक-एक कर सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही स्वजन के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिन बच्चों को कुछ देर पहले तक पर्व की खुशियों के बीच देखने की उम्मीद थी, वे अब वापस नहीं लौटने वाले थे।
मृतकों में नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 के विष्णु टोला निवासी पूजा कुमारी (13), राहुल कुमार (14), रंजन कुमार के पुत्र विकास कुमार (13), विनोद मंडल के पुत्र आयुष कुमार (12), वाल्मीकि मंडल की पुत्री मीनाक्षी कुमारी (12) और रंचडीदीपुर निवासी धनंजय मंडल की पुत्री ज्योति कुमारी (14) शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है और परिवारों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
एक दिन से तलाश रहे थे, पानी में मिले शव
दूसरी घटना कजरैली थाना क्षेत्र के गौराचौकी हरिजन टोला की है। यहां दो नाबालिग बच्चियां रविवार सुबह करीब आठ बजे कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर घर से निकली थीं। परिवार को उम्मीद थी कि वे पर्व की तैयारियों के बाद लौट आएंगी। लेकिन शाम ढल गई और दोनों घर नहीं पहुंचीं।
परिवार वालों ने गांव और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं मिला तो कजरैली थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद भी रात इंतजार में बीती।
सोमवार सुबह करीब सात बजे केलापुर बहियार स्थित डाड़ के पानी में ग्रामीणों की नजर दो शवों पर पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल के पास एक बच्ची की चप्पल भी मिली। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और परिवार वालों की उम्मीदें भी टूट गईं।
कजरैली थानाध्यक्ष गौतम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में बायपास थानाध्यक्ष विकास कुमार भी वहां पहुंचे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया दोनों की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
कर्मा-धर्मा का पर्व, जो परिवार और भाई-बहन के स्नेह से जुड़ा है, इस बार भागलपुर के कई घरों में ऐसी याद छोड़ गया, जिसे परिवार शायद कभी भूल नहीं पाएंगे। जिन घरों में पर्व के गीत और हंसी सुनाई देनी थी, वहां अब सन्नाटा और अपनों को खोने का दर्द है।


