समस्तीपुर: जिस फिल्म ‘दृश्यम’ में परिवार को बचाने के लिए अपराध के बाद साजिश रची जाती है, उसी फिल्म से प्रेरित होने का दावा कर एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। घटना के बाद उसने पुलिस को गुमराह करने और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार कानून के हाथ उस तक पहुंच गए। 26 जुलाई को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे को एक अक्टूबर को सूरत से गिरफ्तार कर लिया।
बताया जाता है कि पारिवारिक विवाद के बीच बेटे ने पिता की हत्या कर दी। घटना के बाद उसने ऐसा रास्ता चुना, जिससे कुछ समय तक पुलिस को सुराग नहीं मिल सके। हत्या के बाद वह समस्तीपुर से निकलकर सूरत चला गया। पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई तो आरोपी की गतिविधियों और उसके भागने के रास्ते से जुड़े सुराग सामने आने लगे।
करीब दो महीने से अधिक समय तक पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी रही। उसने पहचान छिपाने के लिए अपना फोन बंद कर दिया था, लेकिन हत्या के बाद पत्नी को किए गए एक फोन कॉल की मदद से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे सूरत से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसके द्वारा ‘दृश्यम’ फिल्म से प्रभावित होकर हत्या के बाद पुलिस को चकमा देने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि फिल्मों में दिखाई जाने वाली अपराध की कहानियों को वास्तविक जिंदगी में उतारने का प्रयास कितना भयावह परिणाम दे सकता है। पर्दे पर अपराध एक कहानी होता है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक हत्या से न केवल एक परिवार अपना सदस्य खो देता है, बल्कि अपराध करने वाला व्यक्ति भी अपना भविष्य अंधकार में डाल देता है।


