Monday, 2 November 2026 · 9:03 pm IST
GroundWire

तीन लग्जरी गाड़ियों में सामान लेकर फरार हुईं निलंबित थानेदार

रार थाने में वसूली के आरोपों की जांच में चौंकाने वाले खुलासे, चैंबर से गायब मिला टीसीएस का सीसी कैमरा; गोलीकांड के वांछित आरोपित की थार से जुड़ा नया मामला

Prashant Kumar
Prashant Kumar
28 October 2026, 12:13 pm• 4 min read

प्रशांत कुमार क्राइम और खोजी पत्रकार है जो पिछले 15 सालों से क्राइम और अन्य मुद्दों पर लिखते है।

तीन लग्जरी गाड़ियों में सामान लेकर फरार हुईं निलंबित थानेदार

बक्सर के मुरार थाने की निलंबित थानेदार नेहा कुमारी पर लगे आरोपों की परतें खुलने लगी हैं। मामला महज आर्म्स के साथ पकड़े गए आरोपित को कथित तौर पर थाने से भगाने तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि अब थाने के भीतर कथित अवैध वसूली, संदिग्ध गतिविधियों और साक्ष्यों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की आशंका के बीच नेहा कुमारी एक थार, एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो से सामान लेकर वहां से निकल गईं। हालांकि, इन गाड़ियों में क्या सामान था और उसे कहां ले जाया गया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है।

चैंबर से गायब मिला कैमरा

निलंबन के बाद जब वरीय अधिकारी आरोपों की जांच करने मुरार थाने पहुंचे तो थानेदार के चैंबर में लगा सीसी कैमरा गायब मिला। बताया जाता है कि यह कैमरा निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टीसीएस की ओर से लगाया गया था। हैरानी की बात यह है कि विभाग और कैमरा लगाने वाली एजेंसी को भी इसके गायब होने की जानकारी नहीं थी। अब सवाल है कि कैमरा कब हटाया गया, किसने हटाया और क्या इसमें दर्ज फुटेज किसी अहम गतिविधि का साक्ष्य हो सकते थे? इन सवालों का जवाब जांच से ही सामने आएगा।

कार्यालय बना था कथित वसूली का ठिकाना?

आरोप है कि अवैध वसूली के लिए उठाए गए लोगों को थानेदार अपने ही कार्यालय कक्ष में घंटों ही नहीं, बल्कि कई दिनों तक बैठाकर रखती थीं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए थाने में लगे सीसी कैमरों के फुटेज, आगंतुकों के रिकॉर्ड और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान अहम हो सकते हैं। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह पुलिस पद और अधिकारों के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा।

थार के मालिक का गोलीकांड से जुड़ा मामला

इस प्रकरण में अब थार गाड़ी को लेकर भी नया तथ्य सामने आया है। गाड़ी का पंजीकरण नंबर BR01HZ6034 बताया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वाहन प्रिंस उज्जैन के नाम पर दर्ज है, जिनके पिता का नाम अजय कुमार सिंह बताया गया है। उनका पता पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के जगनपुरा स्थित देवी स्थान के निकट का बताया गया है।

सूत्रों के अनुसार, वाहन मालिक का नाम रामकृष्ण नगर थाना कांड संख्या 860/26 में सामने आया है। यह गोलीकांड से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। हालांकि, संबंधित मामले में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश होने की बात भी कही जा रही है। ऐसे में मुकदमे की वर्तमान स्थिति, आदेश का दायरा और आरोपित की कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। केवल वाहन के स्वामित्व या किसी मामले में नाम आने से किसी व्यक्ति की संलिप्तता स्वतः सिद्ध नहीं होती।

थाने में रात गुजारने की चर्चा, फुटेज की जांच जरूरी

सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान थाने में लगे सीसी कैमरों के फुटेज के अवलोकन में संबंधित व्यक्ति के थाने में बैठने और रात के समय थानेदार के कक्ष में मौजूद रहने की बात सामने आई है। यदि यह दावा फुटेज से प्रमाणित होता है तो यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु होगा कि वह व्यक्ति थाने में किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में मौजूद था। इस संबंध में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

इससे पहले भी नेहा कुमारी को लेकर एक चर्चित स्थानीय व्यक्ति के साथ तस्वीरें वायरल होने की बात सामने आई थी। हालांकि, तस्वीरों या परिचय मात्र से किसी अनुचित संबंध अथवा अपराध का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ऐसे दावों की जगह जांच में प्रमाणों का महत्व सर्वोपरि है।

अब विभाग की कार्रवाई पर निगाहें

एक ओर थानेदार पर गंभीर आरोप हैं, दूसरी ओर चैंबर से कैमरा गायब होने और तीन गाड़ियों से सामान ले जाए जाने के दावों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सवाल यह है कि पुलिस महकमा इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर साक्ष्यों को सुरक्षित करेगा या मामला विभागीय कार्रवाई तक सिमटकर रह जाएगा?

नेहा कुमारी के विरुद्ध आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही तय होगी। लेकिन यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो यह सिर्फ एक थानेदार के आचरण का मामला नहीं, बल्कि थाने की जवाबदेही और पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी परीक्षा होगी।