Wednesday, 21 October 2026 · 8:49 pm IST
GroundWire

ट्रेन में ‘जल्लाद’ का खौफ! अकेले यात्रियों को बनाता था निशाना

लूटने के बाद ट्रेन से फेंक देता, लाश के टुकड़ों को देखकर इसे मिलता था किक

Prashant Kumar
Prashant Kumar
23 September 2026, 5:15 pm• 2 min read

प्रशांत कुमार क्राइम और खोजी पत्रकार है जो पिछले 15 सालों से क्राइम और अन्य मुद्दों पर लिखते है।

ट्रेन में ‘जल्लाद’ का खौफ! अकेले यात्रियों को बनाता था निशाना

दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना जंक्शन के बीच ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक युवक को लेकर सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। आरोपित की राहुल तिवारी के रूप में बताई जा रही है। वह अकेले सफर करने वाले युवाओं को निशाना बनाता, मारपीट, अपहरण और लूटकर हत्या कर देता। वह भी ट्रेन से फेंककर।

बताया जा रहा है कि आरोपी ट्रेन में पुलिसकर्मी जैसी वेशभूषा का सहारा लेता था। आरोप है कि वह कभी खाकी पैंट के साथ अलग रंग की शर्ट पहनकर खुद को पुलिसकर्मी जैसा दिखाता और यात्रियों को अपने झांसे में लेता था।

आरोपों के मुताबिक, अकेले सफर कर रहे यात्रियों को निशाना बनाने के बाद उनसे मारपीट की जाती थी। उनके परिजनों को फोन कर पैसे मंगवाए जाते और रकम मिलने के बाद यात्री को चलती ट्रेन से धक्का देने तक की बात सामने आई है।

डॉक्टर के बेटे की मौत से भी जोड़ा जा रहा नाम

इस मामले में गया जिले के एक चर्चित चिकित्सक के बेटे हर्षवर्धन की मौत का भी उल्लेख किया जा रहा है। दावा है कि उसकी लाश 15 अप्रैल की रात करीब 10:50 बजे पटना स्टेशन से लगभग 200 मीटर पहले मिली थी। हालांकि इस घटना में राहुल तिवारी की भूमिका की पुष्टि जांच और आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से होना जरूरी है।

21 सितंबर की घटना ने फिर बढ़ाई चिंता

ताजा आरोप वैशाली जिले से जुड़ा बताया जा रहा है। दावा है कि 21 सितंबर को हैदराबाद से लौट रहे एक युवक को चलती ट्रेन में निशाना बनाया गया। आरोप है कि युवक को कथित तौर पर अगवा करने के बाद उसके परिजनों से फोन पर संपर्क कराया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई।

इन गंभीर आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रेलवे मार्ग पर यात्रियों को निशाना बनाने वाला कोई संगठित गिरोह सक्रिय है और क्या पुलिस की वर्दी जैसी पोशाक का इस्तेमाल कर यात्रियों को भ्रमित किया जा रहा है।