जमुई : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित अभद्रता और मारपीट का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था और भीड़ की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक किशोरी को घेरकर उसके साथ बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में किशोरी के मदद के लिए गुहार लगाने की आवाज भी सुनाई दे रही है।
लड़की के विरोध के बाद भी नहीं रुकी भीड़, सुरक्षा पर सवाल
बताया जा रहा है कि 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र और छात्रा स्कूटी से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में किशोरी को कुछ लोग अपनी ओर खींचते और पकड़ते दिखाई देते हैं, जबकि कुछ लोग उसे जबरन उठा कर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में किशोरी की घबराई आवाज और लोगों की भीड़ के बीच उसका विरोध करने का प्रयास पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना देता है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि और उसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यदि किसी नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ केवल साथ घूमने के आधार पर भीड़ ने कानून अपने हाथ में लिया, तो यह सामाजिक सोच के साथ-साथ कानून के शासन पर भी बड़ा सवाल है। किसी के आचरण पर आपत्ति होने की स्थिति में भी किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, पकड़ने या उसके साथ हिंसा करने का अधिकार किसी को नहीं है।
एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी का गठन
मामले में जमुई पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है, जिसकी कमान एसडीपीओ दीप्ति मोनाली को सौंपी गई है। पुलिस की जांच और वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिगों की पहचान और निजता की सुरक्षा भी इस पूरे मामले में बेहद महत्वपूर्ण है। घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़क पर कानून का राज चलेगा या भीड़ अपनी कथित नैतिकता के आधार पर फैसला सुनाएगी। जमुई पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एसआईटी की टीम ने अब तक तीन नाबालिग पकड़े गए है और अन्य के लिए छापेमारी जारी है। इंटरनेट पर अपलोड वीडियो को टेक डाउन की कार्यवाई हो रही है।


