Tuesday, 8 September 2026 · 9:26 am IST
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विद्यालय की चारदीवारी के पीछे छिपा राज, वीडियो वायरल होने पर खुला भयानक सच

शिक्षकों पर करीब 12 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें वायरल करने का आरोप

Prashant Kumar
Prashant Kumar
8 September 2026, 8:18 am 3 min read

प्रशांत कुमार क्राइम और खोजी पत्रकार है जो पिछले 15 सालों से क्राइम और अन्य मुद्दों पर लिखते है।

विद्यालय की चारदीवारी के पीछे छिपा राज, वीडियो वायरल होने पर खुला भयानक सच

बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में हाल के दिनों में जो कुछ सामने आया, उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जिस विद्यालय में बच्चे पढ़ने और अपने भविष्य के सपने देखने आते थे, वहीं दो शिक्षकों पर करीब 12 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें वायरल करने का आरोप लगा। घटना का राज तब खुला, जब वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा और परिजनों व ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली।

वीडियो से शुरू हुई कहानी
बताया जाता है कि दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से छात्राओं को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाते थे। आरोप है कि वे स्कूल परिसर से बाहर ले जाकर उनका शोषण करते, वीडियो बनाते और फिर ब्लैकमेल करते थे। यह भी कहा जा रहा है कि वे छात्राओं पर अपनी सहेलियों को भी लाने का दबाव बनाते थे। हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

29 अगस्त को विद्यालय पहुंच गए ग्रामीण

वीडियो वायरल होने के बाद 29 अगस्त को ग्रामीण विद्यालय पहुंचे। वहां एक आरोपित शिक्षक को पकड़कर पूछताछ की जा रही थी। इसी बीच दूसरा शिक्षक भी वहां पहुंच गया। ग्रामीणों ने जब उसके मोबाइल की जांच की, तो उसमें भी कई अश्लील वीडियो मिलने का दावा किया गया। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा और दोनों शिक्षकों के साथ मारपीट की गई। हालांकि, बाद में दोनों वहां से भाग निकले। बुधवार यानी दो सितंबर की देर रात तक बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के पास जुटे रहे।

विभाग ने शिक्षकों को निलंबित किया, पुलिस ने शुरू की छापेमारी

मामले की शिकायत प्रधानाध्यापक ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार को दी। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर प्राथमिक जांच की और रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के निर्देश पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग निलंबन आदेश जारी किए गए। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता के हकदार होंगे।

पुराने आरोपों की भी चर्चा
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच दोनों शिक्षकों के पुराने व्यवहार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि एक शिक्षक पहले भी छेड़खानी के आरोप में जेल जा चुका है। हालांकि, इन पुराने आरोपों की पुष्टि और वर्तमान मामले में उनकी भूमिका की जांच पुलिस करेगी।

अब सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं

इस घटना ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वीडियो कई दिनों से वायरल हो रहा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और नाबालिग छात्राओं की पहचान व गरिमा की पूरी तरह रक्षा की जाए।