बिहार के कानून प्रशिक्षण संस्थान में ‘चार्ली’ का खेल?
महिला प्रतिभागियों के अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देता था ‘चार्ली’, हाल में कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ रिन्यू
बिहार का एक ऐसा संस्थान जहां कानून विशेषज्ञ तैयार किए जाते हैं। एक ऐसा केंद्र जहां पुरुष और महिला प्रतिभागी रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, वहीं एक घिनौना कृत्य हुआ। हालांकि, कहीं प्राथमिकी नहीं हुई। किसी पीड़िता ने केस नहीं किया और संस्थान की लाज बरकरार रखने के लिए पूरे मामले पर मिट्टी डाल दी गई।
जैसा कि मैंने पहले ही लिखा था, मामला संवेदनशील है और संवैधानिक संस्थान से जुड़ा है, इसलिए पहचान गोपनीय रखी जाएगी, लेकिन जागरूकता के लिए सच्चाई का सामने आना जरूरी है।
2018 से संस्थान से जुड़ा था चार्ली
संस्थान में एक कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड स्टाफ था, जिसे सभी चार्ली कहते थे। ज्यादातर प्रतिभागी उसे जुगाड़ू चार्ली भी बुलाते थे। उसका काम संस्थान के लिए लाइजनिंग करना था। सच सामने लाने वाले संस्थान से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि वह वर्ष 2018 से चार्ली को संस्थान में देख रहा है और हाल में उसके कॉन्ट्रैक्ट को दुबारा बहाल न करते हुए, उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और यहां तक संस्थान ने अपनी लाज समेट ली। यानी, चार्ली ने करीब आठ बैच के प्रतिभागियों को हैंडल किया।
महिला प्रतिभागियों के बीच था पॉपुलर
फुर्तीले अंदाज के कारण महिला प्रतिभागियों के बीच चार्ली ज्यादा पॉपुलर था। महिलाएं छोटी छोटी जरूरतों के लिए चार्ली पर निर्भर रहने लगीं। बताया जा रहा है कि चार्ली महिला प्रतिभागियों के अश्लील फोटो और वीडियो तैयार करता था। कभी बाथरूम के रोशनदान पर कैमरा रखकर। इसके बाद उन तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देता। ब्लैकमेल कर अपना उल्लू सीधा करता और फिर अगले शिकार को लाने में सहयोगी भी बनवाता था। और, यही कारण रहा कि महिलाओं ने प्राथमिकी कराने की हिम्मत नहीं जुटाई।
वैसे वहां रहने वाली ज्यादा महिला प्रतिभागी अविवाहित और कम उम्र की होती हैं। चार्ली इसी का फायदा उठाता था। कहा, ये भी जाता है कि पूर्व के बैच की कुछ महिला प्रतिभागी (विवाहित) से चार्ली का अनैतिक संबंध रहा और उनके जाने के बाद उसने ब्लैकमेलिंग का रास्ता इख्तियार किया।
चार्ली अब वहां नहीं है, कहीं और जा सकता है। और, उसके जैसे और भी चार्ली हो सकते हैं, इसलिए कहानी सामने लाना जरूरी था।
डिस्क्लेमर
नोट: खबर में लगाए गए आरोप संस्थान से जुड़े व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।


