आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की जिला अवर निबंधक कुमारी स्वीटी के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपये नकद, दर्जनों महंगी घड़ियां, सोने-चांदी के आभूषण और जमीन व निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। निगरानी टीम बरामद संपत्ति का मूल्यांकन और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
निगरानी के अनुसार, दंपती के खिलाफ करीब 1.06 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद चार ठिकानों पर कार्रवाई की गई। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दंपती की घोषित आय और सामने आई चल-अचल संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। साथ ही अघोषित और बेनामी संपत्ति के पहलू की भी जांच की जा रही है।
कश्यप ग्रीन सिटी में दो फ्लैट का भी पता चला
रूपसपुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी में तलाशी के दौरान दंपती से जुड़े दो फ्लैट सामने आने की जानकारी है। इनमें से एक फ्लैट में इंटीरियर का काम चल रहा था। टीम ने वहां संपत्ति से जुड़े कागजात की भी जांच की। बेगूसराय स्थित आवास से भी नकदी और अन्य सामग्री मिलने की सूचना है। हालांकि बरामद सामान की अंतिम कीमत और संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चार दर्जन महंगी घड़ियां मिलीं
तलाशी में करीब चार दर्जन महंगी घड़ियां मिलने की बात सामने आई है। इनके मूल्य को लेकर अलग-अलग प्रारंभिक आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए निगरानी टीम ब्रांड और मॉडल के आधार पर वास्तविक कीमत का आकलन करा रही है। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण तथा जमीन और निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं।
शिक्षक से प्रशासनिक अधिकारी तक का सफर
निगरानी की कार्रवाई के बाद रविंद्र कुमार दिवाकर का प्रशासनिक करियर भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने वर्ष 2009 में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में सेवा शुरू की और बाद में विभिन्न जिलों में प्रशासनिक पदों पर रहे। वर्तमान में वह पटना में एडीएम (आपूर्ति) के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी निबंधन सेवा की अधिकारी हैं और दानापुर में जिला अवर निबंधक के पद पर कार्यरत हैं।
निगरानी अधिकारियों के अनुसार तलाशी में मिले दस्तावेज, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्तियों में से कितनी राशि और संपत्ति आय से अधिक संपत्ति के मामले से संबंधित है।


