बक्सर के डुमरांव स्थित स्कूल में छात्राओं को हवस का शिकार बनाने वाले शिक्षकों का पुलिस रिमांड पर कबूलनामा सुनकर सभी सन्न रह गए। कानून से बंधे हाथों से आंखों में उठी रही ज्वालामुखी को शांत किया होगा, ये तो वही पुलिसकर्मी जान सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, गणित के शिक्षक अरविंद ने गिरफ्तार वीरेंद्र को इस खेल (छात्राओं से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और शोषण) में अपना गुरु बताया। अरविंद का दावा है कि उसने केवल एक नाबालिग का कौमार्य भंग किया था, जिसके साथ पटना के होटल में शारीरिक संबंध बनाता वीडियो उसने वायरल किया। हालांकि, वह उस लड़की से प्यार कर बैठा था, इसलिए उसने किसी और को हवस का शिकार नहीं बनाया।
अरविंद 2024 में किया था BPSC टीचर के रूप में याेगदान
बीपीएससी टीचर के रूप में 2024 में योगदान किया था। 2025 में लड़की उसकी चंगुल में फंसी और 2026 में वह खुद बिहार पुलिस की गिरफ्त में फंस गया।
असली खिलाड़ी 2012 से उस स्कूल में पदस्थापित वीरेंद्र है। वह खुलेआम स्कूल में शराब पार्टी करता। किसी बहाने से छात्रा को बुलाता, दबंगई दिखाकर जबरन दुष्कर्म करता। मौका मिलता तो कुछ पल का वीडियो या एक दो तस्वीर खींच कर रख लेता, ताकि लड़की आने वाले दिनों में किसी को कुछ बोल न सके और दोबारा बुलाने पर इनकार भी न करे। यही गुरुमंत्र वीरेंद्र ने अरविंद को दिया था। इस कारण अरविंद ने पटना के होटल में दैहिक संबंध बनाता वीडियो रिकॉर्ड किया था, जो बाद में उसी ने वायरल कर दिया। अरविंद का यह भी दावा है कि उसने जो कुछ किया, लड़की की मर्जी से किया। वह लड़की के साथ दो दिनों तक रुका, लेकिन छात्रा की रजामंदी से संबंध एक ही दिन बनाया था। छात्रा भी उसे प्यार करती है, और उसके नाम का सिंदूर भी लगाती है।
कौन है कंचन ? क्या है उसकी कहानी..
अरविंद ने "कंचन" और वीरेंद्र के बारे में पूरी जानकारी दी। कंचन (काल्पनिक नाम) एक पूर्ववर्ती छात्रा है, जो वर्तमान में शादीशुदा है और एक ठंडे प्रदेश में रहती है। इसे वीरेंद्र ने कुछ वर्षों पहले हवस का शिकार बनाया। इसके बाद से गिरफ्तारी तक हर दिन वीडियो कॉल पर बिना कपड़ों के आधे घंटे तक खड़ा करता था। उसी की एक स्क्रीनशॉट वायरल होने पर पुलिस ने वीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। जब अरविंद की ज्वाइनिंग हुई थी, तब वीरेंद्र प्रभारी था। दोनों एक ही चाल चरित्र के थे इसलिए उनके बीच अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी।


